पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार की तरफ से देशवासियों के लिए राहत की खबर आई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां इस वक्त अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रही हैं। खासकर LPG उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में मामूली चिंता रही, लेकिन पूरे देश में गैस की कमी नहीं है और वितरण निरंतर जारी है।
डिजिटल बुकिंग से आसान हुई गैस की उपलब्धता
गृहस्थों के लिए राहत की बात यह है कि अब सिलेंडर पाना और भी आसान हो गया है। युद्ध जैसी अस्थिर परिस्थितियों के बावजूद, पैनिक बुकिंग में भारी कमी आई है। बीते दिन लगभग 55 लाख रिफिल बुकिंग के अनुरोध ऑनलाइन प्राप्त हुए। देशभर में अब 93 प्रतिशत LPG बुकिंग डिजिटल माध्यम से हो रही है। ग्राहक ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए सुरक्षित तरीके से गैस प्राप्त कर रहे हैं। इस डिजिटल व्यवस्था के कारण उपभोक्ता तेज़ी से गैस बुक कर पा रहे हैं और वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन गई है।

कालाबाजारी और सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई
सप्लाई चेन में किसी भी तरह की गड़बड़ी या कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है। गुरुवार को देशभर में लगभग 4,500 छापे मारे गए। इसके अलावा, नागरिकों को सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हाल ही में शीर्ष 15 भौगोलिक क्षेत्रों में करीब 13,700 पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन दिए गए। साथ ही, 7,500 उपभोक्ताओं ने LPG छोड़कर PNG कनेक्शन को अपनाया। व्यावसायिक स्तर पर भी चुनौतियों के बावजूद अब तक 11,300 टन LPG की सप्लाई सफलतापूर्वक की जा चुकी है।
सुरक्षित समुद्री व्यापार और जहाजों की निगरानी
पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए समुद्री रास्तों और जहाजों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारत के सभी 22 जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन जहाजों पर मौजूद 611 भारतीय नाविक भी सुरक्षित हैं और लगातार उनकी निगरानी की जा रही है। पिछले 24 घंटों में समुद्र में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और बंदरगाहों पर कोई जाम नहीं देखा गया। इसी दौरान 25 नाविक सुरक्षित भारत लौट आए हैं। सरकार की सतत निगरानी और सुरक्षा उपायों से देशवासियों को भरोसा मिला है कि ऊर्जा आपूर्ति और नागरिक सुरक्षा में कोई बाधा नहीं आएगी।

