फाइनेंशियल ईयर 2025-26 अब अपनी समाप्ति के करीब है और कई लोगों को अचानक याद आता है कि टैक्स बचाने के लिए अभी भी निवेश करना बाकी है। अगर आपने सेक्शन 80C के तहत अभी तक निवेश नहीं किया है, तो मार्च आखिरी मौका है। इस सेक्शन के तहत 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलती है। अच्छी बात यह है कि कई निवेश विकल्प ऐसे हैं जिन्हें आप ऑनलाइन और तुरंत कर सकते हैं। इससे आप पुराने टैक्स सिस्टम के तहत टैक्स बचत का फायदा समय रहते उठा सकते हैं।
निवेश के लिए पांच लोकप्रिय विकल्प
सबसे तेज़ और आसान विकल्पों में ELSS म्यूचुअल फंड है। इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। इसकी लॉक-इन अवधि केवल 3 साल है और निवेश पूरी तरह से ऑनलाइन किया जा सकता है। लंबे समय में इक्विटी मार्केट से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी रहती है। इसके अलावा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सुरक्षित और लॉन्ग-टर्म निवेश विकल्प है। सरकार द्वारा तय की गई ब्याज दर के साथ PPF में निवेश करने पर भी टैक्स छूट मिलती है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से इसे आसानी से भरा जा सकता है।

टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉज़िट और NPS
टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) भी सेक्शन 80C के तहत लाभ देती है। यह कम से कम 5 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आती है और बैंक की नेट बैंकिंग या ब्रांच के जरिए जमा की जा सकती है। हालांकि, इससे मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना पड़ता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) भी एक प्रभावी विकल्प है। इसमें निवेश पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए और सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपए की टैक्स छूट मिलती है। NPS रिटायरमेंट के लिए तैयार किया गया है और इसका निवेश ऑनलाइन भी किया जा सकता है।
लाइफ इंश्योरेंस और सबसे तेज़ निवेश
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसमें टर्म प्लान या ट्रेडिशनल इंश्योरेंस शामिल हैं और प्रीमियम ऑनलाइन भरा जा सकता है। यह विकल्प निवेशकों को सुरक्षा के साथ-साथ टैक्स बचत का लाभ भी देता है। अगर समय कम है और 31 मार्च से पहले टैक्स बचाना है, तो ELSS म्यूचुअल फंड को सबसे तेज़ विकल्प माना जाता है। इसे ऑनलाइन कुछ ही मिनटों में निवेश किया जा सकता है और इसका 3 साल का लॉक-इन पीरियड भी सबसे कम है।

