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Monday, April 20, 2026
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अडानी टोटल गैस ने घरेलू PNG और CNG की कीमतें नहीं बढ़ाईं, राहत की खबर

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच आम जनता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अडानी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने CNG और घरों में पाइप से सप्लाई होने वाली गैस (PNG) की कीमतें बढ़ाने से परहेज किया है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए आने वाली गैस की सप्लाई लगभग 70 प्रतिशत देशी स्त्रोतों से हो रही है। इसका मतलब है कि घरों में रसोई गैस और CNG से चलने वाले वाहनों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा और आम लोग अपने खर्च में अचानक बढ़ोतरी का सामना नहीं करेंगे।

इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूजर्स पर पड़ेगा असर

हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कस्टमर्स पर असर पड़ेगा। ATGL की लगभग 30 प्रतिशत गैस आयातित LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से आती है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के चलते होर्मुज स्ट्रेट की सप्लाई रूट बंद होने से कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय बाजार से महंगी LNG खरीदनी पड़ रही है। परिणामस्वरूप, इंडस्ट्रियल यूजर्स को अपने कॉन्ट्रैक्टेड वॉल्यूम का 40 प्रतिशत तक गैस का इस्तेमाल कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह स्पष्ट है कि बड़े उद्योगों को गैस खपत और लागत में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

अडानी टोटल गैस ने घरेलू PNG और CNG की कीमतें नहीं बढ़ाईं, राहत की खबर

महंगी स्पॉट कीमत और 40 प्रतिशत लिमिट

ATGL ने उन इंडस्ट्रियल कस्टमर्स के लिए जो 40 प्रतिशत लिमिट से ज्यादा गैस का इस्तेमाल करते हैं, कीमतें बढ़ा दी हैं। पहले 1 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की कीमत 40 रुपये थी, जो अब बढ़कर 119 रुपये SCM हो गई है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्पॉट कीमत इतनी अधिक होने का कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार से महंगी LNG का खरीदना है। वर्तमान में LNG की स्पॉट कीमत लगभग 24-25 डॉलर प्रति mmBtu है, जबकि पहले यह 10 डॉलर प्रति mmBtu के आसपास थी। इस स्थिति में इंडस्ट्रियल यूजर्स को वैकल्पिक फ्यूल सोर्स अपनाने की सलाह दी जा रही है।

घरेलू उपभोक्ता को राहत, उद्योगों को चुनौती

इस निर्णय से स्पष्ट है कि ATGL ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। घरों और वाहनों में CNG या PNG इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए कोई वित्तीय दबाव नहीं बढ़ेगा। वहीं, बड़े उद्योगों को अब सप्लाई में कटौती और महंगी कीमतों के साथ अपनी उत्पादन रणनीति बदलनी पड़ सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम अंतर्राष्ट्रीय संकट और सप्लाई चेन बाधाओं के चलते मजबूरी थी। इस बीच घरेलू बाजार में गैस कीमत स्थिर रहना आम जनता के लिए राहत भरा कदम है।

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