भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को फॉरेक्स रिजर्व का नया आंकड़ा साझा किया। इसमें सामने आया कि देश के गोल्ड रिजर्व में मात्र एक हफ्ते में करीब 1.28 लाख करोड़ रुपए की गिरावट हुई। इसका मतलब है कि गोल्ड रिजर्व में 14.208 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की कमी हुई है। वहीं, करेंसी असेट्स में 7.661 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व में 6.711 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली। इससे पहले पिछले हफ्ते देश के फॉरेक्स रिजर्व ने लाइफ टाइम हाई 723.774 अरब डॉलर को छूआ था।
चार हफ्तों के बाद पहली गिरावट
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 717.064 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। पिछले चार हफ्तों में लगातार वृद्धि देखने के बाद यह पहली गिरावट है। इन चार हफ्तों में कुल 36.97 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन अब गोल्ड रिजर्व में भारी गिरावट और करेंसी असेट्स में मामूली बढ़ोतरी के कारण कुल रिजर्व में कमी दर्ज की गई है।

करेंसी असेट्स में मामूली सुधार
देश के फॉरेन करेंसी असेट्स, जिनमें यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राएं शामिल हैं, में इस सप्ताह 7.661 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते ये 493 मिलियन डॉलर घट गए थे। बीते छह हफ्तों में तीन बार करेंसी असेट्स में गिरावट देखने को मिली है। करेंसी असेट्स की वृद्धि देश की विदेशी मुद्रा स्थिति को संतुलित रखने में सहायक रही है, लेकिन गोल्ड रिजर्व में गिरावट ने कुल रिजर्व पर असर डाला है।
आईएमएफ और एसडीआर में कमी
आरबीआई ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 132 मिलियन डॉलर की कमी हुई और यह अब 18.821 अरब डॉलर रह गया। वहीं, आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति में भी 32 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई है और यह 4.715 अरब डॉलर हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं और घरेलू गोल्ड बिक्री के कारण हुई है। देश के फॉरेक्स रिजर्व पर सतत निगरानी और रणनीतिक कदम आवश्यक हो गए हैं।

