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Monday, April 20, 2026
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मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खबर अब फोन ही बनेगा आपका स्मार्ट मेट्रो कार्ड

अगर आप रोज़ाना मेट्रो से सफर करते हैं, तो मेट्रो कार्ड संभालना कई बार परेशानी बन जाता है। कभी कार्ड घर भूल जाना, कभी खो जाना और फिर मजबूरी में टिकट काउंटर की लंबी लाइन में लगना। लेकिन अब इस परेशानी से पूरी तरह छुटकारा मिलने वाला है। डिजिटल टिकटिंग के दौर में आपका स्मार्टफोन ही आपका मेट्रो कार्ड बन सकता है। इसके लिए न तो फिजिकल कार्ड की जरूरत है और न ही हर बार नया टिकट लेने की। यह सुविधा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है जो रोज़ मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं और समय की बचत चाहते हैं।

QR कोड टिकटिंग सिस्टम से बदलेगा मेट्रो सफर का अनुभव

मेट्रो स्टेशनों पर अब QR कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम शुरू किया गया है। इस तकनीक के जरिए आपके मोबाइल फोन पर एक QR कोड जनरेट होता है, जो बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि एक बार QR कोड बनने के बाद, जब तक उसमें बैलेंस मौजूद है, तब तक आपको हर यात्रा से पहले नया टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एंट्री और एग्जिट गेट पर फोन स्क्रीन पर दिख रहे QR कोड को स्कैन करते ही सफर आसान हो जाता है। इससे न सिर्फ समय बचता है बल्कि स्टेशन पर भीड़ भी कम होती है।

दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप से ऐसे बनेगा फोन वर्चुअल कार्ड

अपने स्मार्टफोन को मेट्रो कार्ड में बदलने के लिए आपको दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप का इस्तेमाल करना होगा, जिसे पहले मोमेंटम 2.0 के नाम से जाना जाता था। यह ऐप एंड्रॉयड और आईफोन दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है। ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करना होता है। लॉगिन के बाद आपको वर्चुअल स्मार्ट कार्ड का विकल्प मिलता है। जैसे ही आप न्यूनतम राशि से रिचार्ज करते हैं, आपका डिजिटल मेट्रो कार्ड एक्टिव हो जाता है। इसके बाद ऐप में एक QR कोड दिखाई देता है, जिसे आप मेट्रो गेट पर स्कैन करके यात्रा कर सकते हैं।

डिजिटल मेट्रो कार्ड के फायदे और आसान सफर

फोन में मौजूद वर्चुअल मेट्रो कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब आपको फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं है। न कार्ड खोने का डर और न ही उसके खराब होने की चिंता। बड़े अमाउंट से रिचार्ज करने पर भी बैलेंस फंसने की टेंशन नहीं रहती। इसके अलावा फिजिकल कार्ड की तरह इसमें कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट भी नहीं देना पड़ता। रिचार्ज के लिए लाइन में लगने की झंझट खत्म हो जाती है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में यह सुविधा मेट्रो यात्रा को पूरी तरह स्मार्ट, तेज़ और सुविधाजनक बना रही है।

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