पंजाब में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसके साथ ही बिजली की मांग भी तेजी से ऊपर पहुंच रही है। हालात यह हैं कि राज्य में बिजली की मांग 10500 मेगावाट तक पहुंच चुकी है जो आने वाले दिनों में और बढ़ने की आशंका है। इसी बीच पंजाब राज्य बिजली बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए 26 अप्रैल तक लुधियाना जालंधर अमृतसर बठिंडा मोहाली और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों में 8 से 10 घंटे तक बिजली शटडाउन की घोषणा की है। इस फैसले ने आम लोगों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पहले से ही गर्मी के कारण हालात मुश्किल बने हुए हैं।
अपग्रेड के नाम पर कटौती, जनता और व्यापार प्रभावित
पीएसपीसीएल का कहना है कि यह शटडाउन अस्थायी है और इसका उद्देश्य बिजली सप्लाई सिस्टम को मजबूत करना है। विभाग के अनुसार इन शहरों में ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा और जरूरत के मुताबिक नई बिजली लाइनें भी बिछाई जाएंगी ताकि आने वाले समय में निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। हालांकि इस फैसले का असर सीधे तौर पर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। घरों में गर्मी से राहत मिलना मुश्किल हो गया है और उद्योगों को उत्पादन में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के लंबे बिजली कट से आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा।

भाजपा ने साधा निशाना, सरकार पर उठाए सवाल
इस मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस फैसले को गलत समय पर लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि जब फरवरी और मार्च में यह काम किया जा सकता था तो अब भीषण गर्मी में क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पावर विभाग में नेतृत्व की कमी है और इसी कारण फैसले समय पर नहीं लिए जा रहे। जाखड़ ने यह भी कहा कि सस्ती सोलर एनर्जी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ रहा है।
आगे राहत की उम्मीद, लेकिन फिलहाल परेशानी तय
पावर विभाग का दावा है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में राहत देने के लिए जरूरी है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बिजली की मांग 17500 मेगावाट तक पहुंच सकती है इसलिए अभी से तैयारी करना जरूरी है। ट्रांसफार्मर अपग्रेड और नई लाइनें तैयार होने के बाद गर्मियों में लंबे बिजली कट से बचा जा सकेगा। हालांकि फिलहाल लोगों को अगले कुछ दिनों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। गर्मी और लू के बीच लंबा बिजली कट आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह अपग्रेडेशन कितना कारगर साबित होता है।

