पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में नगर कौंसिल चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। नई वार्डबंदी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। सरहिंद के भट्टी फार्म में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और गैर-पारदर्शी बताया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
भाजपा नेताओं ने वार्ड पुनर्गठन को बताया पक्षपातपूर्ण
भाजपा जिला अध्यक्ष दीदार सिंह भट्टी, सरबजीत सिंह मक्खन और तरलोचन सिंह ने आरोप लगाया कि वार्डों का पुनर्गठन निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने सत्ताधारी दल के दबाव में नियमों की अनदेखी की है। नेताओं ने दावा किया कि वार्डों की सीमाओं को इस तरह बदला गया है, जिससे विपक्षी दलों के मजबूत वोट बैंक को कमजोर किया जा सके। इस आरोप ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

दूर-दराज क्षेत्रों को जोड़ने पर उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई मोहल्लों को जानबूझकर दूर-दराज के वार्डों के साथ जोड़ दिया गया है। इससे न केवल आम लोगों को भविष्य में परेशानी होगी, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि वार्डबंदी में जनसंख्या और भौगोलिक संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या असंतुलित हो गई है।
आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
प्रेस वार्ता के अंत में भाजपा नेताओं ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि यदि वार्डबंदी के नक्शों की दोबारा समीक्षा नहीं की गई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। नेताओं ने यह भी कहा कि वे इस मामले को उच्च अधिकारियों के साथ-साथ न्यायालय तक भी ले जाएंगे। इस दौरान कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।

