यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने 1 अक्टूबर 2025 से आधार अपडेट के लिए नई फीस लागू कर दी है। पहले आधार में नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी अपडेट करने की कीमत ₹50 थी, जो अब बढ़कर ₹75 हो गई है। इसी तरह, बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आइरिस, फोटो) की फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹125 कर दी गई है। बच्चों के लिए थोड़ी राहत भी दी गई है। 5-7 और 15-17 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट मुफ्त रहेगा, जबकि 7-15 साल के बच्चों के लिए यह सुविधा 30 सितंबर 2026 तक मुफ्त रहेगी।
पैन-आधार लिंकिंग के निहित नुकसान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि आप पैन को आधार से लिंक नहीं करेंगे तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। इसका सीधा असर म्यूचुअल फंड, डीमैट अकाउंट और टैक्स सेविंग योजनाओं पर पड़ेगा। कई लोगों को पहले ही लेन-देन में दिक्कतें आ चुकी हैं। पैन निष्क्रिय होने पर आप म्यूचुअल फंड में निवेश या निकासी नहीं कर पाएंगे। इसलिए तुरंत इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंकिंग की स्थिति जांचना आवश्यक है।

आधार e-KYC हुआ और भी सुरक्षित
UIDAI और NPCI ने नई तकनीक के माध्यम से आधार e-KYC को अधिक सुरक्षित और आसान बना दिया है। अब बैंक और NBFCs बिना पूरा आधार नंबर देखे भी आपकी पहचान कर सकते हैं। इससे आपकी प्राइवेसी बनी रहती है और बैंकिंग प्रक्रिया तेज़ होती है। UIDAI यह भी सुनिश्चित करता है कि आपका आधार नंबर सक्रिय और वास्तविक हो। यदि आधार डुप्लीकेट या अवैध पाया गया तो अकाउंट खुलने या निवेश में बाधा आ सकती है। इसलिए माआधार ऐप या UIDAI वेबसाइट पर समय-समय पर आधार स्थिति जांचते रहें।
आगामी बदलाव: AePS और पोस्ट ऑफिस योजनाएं
1 जनवरी 2026 से AePS (Aadhaar Enabled Payment System) नियम कड़े होंगे। अब बैंक और उनके बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट्स को और अधिक निगरानी और KYC सत्यापन करना होगा। यह ग्रामीण क्षेत्रों में नकद लेन-देन पर नजर रखेगा और धोखाधड़ी कम करेगा, लेकिन कुछ उपयोगकर्ताओं को सेवाओं तक पहुंच में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, RD, PPF, NSC जैसी पोस्ट ऑफिस योजनाएं आधार आधारित e-KYC के माध्यम से खोली जाएंगी। यदि आपका आधार लिंक या अपडेट नहीं है तो जमा या निकासी में बाधा आ सकती है।
आपको अब क्या करना चाहिए
अपने बैंक, निवेश और बचत से जुड़े मामलों को सुचारू बनाए रखने के लिए तुरंत ये कदम उठाएं। माआधार ऐप या UIDAI वेबसाइट पर आधार अपडेट की तारीख और स्थिति जांचें। इनकम टैक्स पोर्टल पर पैन-आधार लिंक की स्थिति देखें। अपने बैंक और म्यूचुअल फंड खातों में आधार जानकारी अपडेट करें। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग AePS सेवाओं में बदलाव के लिए स्थानीय बैंक या सर्विस सेंटर से जानकारी लें। नियमित रूप से आधार-लिंक KYC दस्तावेज अपडेट करते रहें।

