back to top
Tuesday, July 21, 2026
Homeराजनीतिमसूरी सीट पर भाजपा में घमासान गामा के बयान से बढ़ा सियासी...

मसूरी सीट पर भाजपा में घमासान गामा के बयान से बढ़ा सियासी तनाव

मसूरी विधानसभा सीट को लेकर भाजपा के भीतर राजनीतिक सरगर्मी अब खुलकर सामने आने लगी है। देहरादून के पूर्व महापौर और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी माने जाने वाले सुनील उनियाल गामा के हालिया बयान ने पार्टी के अंदर हलचल बढ़ा दी है। मसूरी दौरे के दौरान दिए गए उनके बयान को सीधे तौर पर राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह साफ हो गया है कि 2027 चुनाव से पहले टिकट की दौड़ तेज हो चुकी है और दावेदार सक्रिय हो गए हैं।

गामा का बयान बना चर्चा का केंद्र, टिकट को लेकर संकेत तेज

गामा ने अपने बयान में कहा कि जिस तरह संगठन ने उन्हें देहरादून नगर निगम का महापौर बनाया और बाद में सौरभ थपलियाल को टिकट देकर जीत दिलाई, उसी तरह यदि उन्हें मसूरी से मौका मिलता है तो मौजूदा विधायक गणेश जोशी भी उन्हें जिताने में पूरी ताकत लगाएंगे। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर एक मजबूत दावेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मसूरी क्षेत्र से उन्हें लगातार समर्थन और बुलावे मिल रहे हैं, जिससे उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई है।

मसूरी सीट पर भाजपा में घमासान गामा के बयान से बढ़ा सियासी तनाव

मसूरी सीट पर बढ़ती दावेदारी से बदल रहे समीकरण

मसूरी विधानसभा सीट पर भाजपा के भीतर संभावित दावेदारों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, वहीं सुनील उनियाल गामा जैसे नेताओं की सक्रियता ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। पार्टी के अंदर यह चर्चा तेज है कि आगामी चुनाव से पहले संगठन को जिताऊ प्रत्याशी का चयन करना होगा। यही वजह है कि मसूरी सीट अब भाजपा के भीतर एक रणनीतिक और संवेदनशील राजनीतिक केंद्र बनती जा रही है।

गणेश जोशी की प्रतिक्रिया और संगठन का संतुलन रुख

इस पूरे घटनाक्रम पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मसूरी किसी एक व्यक्ति की सीट नहीं बल्कि भाजपा की सीट है और पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होगा। उन्होंने गामा की दावेदारी को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया और कहा कि चुनाव नजदीक आते ही और भी कार्यकर्ता सामने आएंगे। जो भी उम्मीदवार पार्टी से टिकट पाएगा, सभी कार्यकर्ता उसके लिए एकजुट होकर काम करेंगे। पार्टी के भीतर यह संतुलित रुख यह संकेत देता है कि संगठन फिलहाल किसी भी विवाद से बचते हुए सभी दावेदारों को साथ लेकर चलना चाहता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments