फरीदाबाद की टीटू कॉलोनी में 10वीं कक्षा के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में तनाव फैल गया। किशोर का शव उसकी सहपाठी के घर में फंदे से लटका मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, जबकि गुस्साई भीड़ ने मौके पर पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस को निशाना बनाया।
सहपाठी के घर में मिला 10वीं के छात्र का शव
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित खेड़ी पुल थाना क्षेत्र की टीटू कॉलोनी में यह घटना सामने आई। यहां 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक किशोर का शव उसकी सहपाठी छात्रा के घर में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। किशोर की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि किशोर को उसकी सहपाठी के घर बुलाया गया था, जहां उसके साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार ने आशंका जताई कि पिटाई के बाद उसे फंदे से लटकाकर हत्या की गई। हालांकि, ये परिजनों के आरोप हैं। मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल सकेगा।

मौके पर पहुंची पुलिस, एसीपी ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और मामले की जांच शुरू करने की कोशिश की। लेकिन किशोर की मौत से नाराज लोगों का गुस्सा बढ़ गया और घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
भीड़ ने पुलिसकर्मियों से की मारपीट
मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और मारपीट की, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। इस दौरान हालात संभालने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
एम्बुलेंस में तोड़फोड़, चालक ने भागकर बचाई जान
शव को ले जाने के लिए पहुंची एम्बुलेंस भी भीड़ के निशाने पर आ गई। एम्बुलेंस चालक के मुताबिक, लोगों ने उसके साथ मारपीट की और वाहन में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति बिगड़ने पर चालक को मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना ने पहले से तनावपूर्ण माहौल को और गंभीर बना दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच, साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
एसीपी राजीव कुमार के अनुसार, मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई। निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही घटना की वास्तविकता स्पष्ट होगी। गुस्से और आरोपों के बीच कानून को अपना काम करने देना जरूरी है, ताकि मृतक के परिवार को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।

