JEE Main 2026 के जनवरी सत्र के परिणाम 16 फरवरी को घोषित किए गए। इस साल कुल 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया। इन टॉपरों में दिल्ली-एनसीआर के श्रेयस मिश्रा, आंध्र प्रदेश के नरेंद्रबाबू गारी माहित, बिहार के शुभम कुमार, राजस्थान के कबीर छिल्लर और चिरंजीब कर, ओडिशा के भावेश पात्र, हरियाणा के अनय जैन, राजस्थान के अर्नव गौतम, आंध्र प्रदेश के पसला मोहित, महाराष्ट्र के माधव विराडिया, गुजरात के पुरुषित निमय और तेलंगाना के विवान शरद महेश्वरी शामिल हैं। टॉपर्स ने सफलता के लिए सिस्टमेटिक तैयारी, सही मार्गदर्शन और समय प्रबंधन को अपनी सफलता का मुख्य कारण बताया।
कबीर छिल्लर और अर्नव गौतम की सफलता की कहानी
राजस्थान के कबीर छिल्लर ने अपनी सफलता का श्रेय सिस्टमेटिक तैयारी और कोचिंग संस्थान के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रट्टा मारने के बजाय कंसेप्ट को गहराई से समझने पर ध्यान केंद्रित किया, टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटा और नियमित रूप से नोट्स बनाकर रिवाइज किया। अर्नव गौतम ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करके मेहनत करने से सब कुछ संभव है। उन्होंने कंपार्टमेंटल स्ट्रेटेजी अपनाई और परीक्षा में समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। उनका अगला लक्ष्य JEE Advanced में अच्छा रैंक हासिल कर IIT बॉम्बे से B.Tech करना है।

शुभम कुमार और निमय पुरुषित की तैयारी की रणनीति
बिहार के शुभम कुमार ने अपने टॉप स्कोर का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और परिवार के समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर दिन क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को रिवाइज किया और कमजोर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया। गुजरात के निमय पुरुषित ने बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण नियमित पढ़ाई, कंसेप्ट की स्पष्ट समझ और लगातार मॉक टेस्ट अभ्यास है। उन्होंने परीक्षा से पहले गलतियों का विश्लेषण करके सुधार करने पर जोर दिया।
चिरंजीब कर, अनय जैन और भावेश पात्र की तैयारी के टिप्स
ओडिशा के चिरंजीब कर ने सफलता का श्रेय डिसिप्लिन, कोचिंग गाइडेंस, नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन को दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक मानसिकता और लक्ष्य पर फोकस उनकी सफलता का मुख्य कारण था। हरियाणा के अनय जैन ने 12 घंटे से अधिक दैनिक अध्ययन और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों पर ध्यान केंद्रित करके JEE Main में सफलता हासिल की। ओडिशा के भावेश पात्र ने कहा कि कंसेप्ट को मजबूत करना, नियमित टेस्ट और कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान देना उनकी तैयारी की रणनीति का हिस्सा था। सभी टॉपर्स का अगला लक्ष्य JEE Advanced में उच्च रैंक हासिल कर IIT से कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना है।

