महिला पहलवानों से जुड़े मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राजनीतिक तेवर फिर चर्चा में हैं। अब सपा प्रवक्ता के बयान ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या BJP के इस प्रभावशाली नेता के लिए विपक्षी खेमे में कोई रास्ता खुल रहा है?
बृजभूषण के बयान से शुरू हुई नई चर्चा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। महिला पहलवानों से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को उन्हें बरी कर दिया था। हालांकि, पहलवानों की ओर से इस फैसले को चुनौती देने की बात कही गई है।
अदालत से राहत के बाद बृजभूषण ने राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब उनके खिलाफ माहौल बना था, तब समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने उनके विरोध में वैसा रुख नहीं अपनाया जैसा कुछ अन्य राजनीतिक दलों ने अपनाया था।
सपा प्रवक्ता ने की पुराने रिश्तों की चर्चा
बृजभूषण के बयान पर सपा प्रवक्ता दीपक रंजन की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक चर्चा को और हवा दे दी। उन्होंने बृजभूषण को एक अच्छा पहलवान बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ उनके पुराने संबंधों का जिक्र किया।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि बृजभूषण का नेताजी के प्रति सम्मान रहा है। इस बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति धीरे-धीरे गर्म हो रही है और अलग-अलग दल संभावित राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं।
‘जो BJP के खिलाफ आएगा, उसका स्वागत’
दीपक रंजन ने कहा कि BJP को हटाने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ आने वाले लोगों का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बृजभूषण शरण सिंह अदालत से आरोपों से मुक्त हो चुके हैं।

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि बृजभूषण को समाजवादी पार्टी में शामिल करने का कोई प्रस्ताव है। उन्होंने साफ कहा कि किसी व्यक्ति को पार्टी में शामिल करने का अंतिम फैसला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही करेंगे।
महिला पहलवानों के आंदोलन पर भी सपा ने रखी बात
सपा प्रवक्ता ने यह भी याद दिलाया कि जब बृजभूषण पर आरोप लगे थे, तब समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन कर रहीं महिला पहलवानों का समर्थन किया था। पार्टी के कार्यकर्ता भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे।
यानी सपा का मौजूदा बयान पुराने रुख को पूरी तरह बदलने का संकेत नहीं देता। पार्टी एक तरफ कानूनी फैसले का सम्मान करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट कर रही है कि राजनीतिक भविष्य का फैसला नेतृत्व करेगा।
अदालत के फैसले के बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं
बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के बावजूद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। महिला पहलवानों की ओर से फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात सामने आई है।
इसलिए बृजभूषण को लेकर आगे की राजनीतिक रणनीति तय करते समय अदालत की अगली प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।
क्या BJP से दूरी की कोई संभावना?
फिलहाल बृजभूषण शरण सिंह की ओर से BJP छोड़ने या समाजवादी पार्टी में जाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। सपा ने भी उन्हें पार्टी में शामिल करने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है।
लेकिन राजनीति में बयान अक्सर संभावित समीकरणों का संकेत देते हैं। बृजभूषण का सपा, BSP और RJD को लेकर सकारात्मक उल्लेख और सपा प्रवक्ता का ‘स्वागत’ वाला बयान निश्चित रूप से यूपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल इसे दल-बदल की घोषणा कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि बृजभूषण शरण सिंह के एक बयान और सपा की प्रतिक्रिया ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावनाओं की नई चर्चा छेड़ दी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी रहती है या आने वाले दिनों में कोई बड़ा सियासी कदम सामने आता है।

