बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में राज्यस्तरीय ‘सहयोग’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से आए लोगों की शिकायतें सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया। सरकार का उद्देश्य जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण से असंतुष्ट नागरिकों को राज्य स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर उपलब्ध कराना है।
कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं था, उन्हें समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।

हर महीने दूसरे मंगलवार को होगी सुनवाई
बिहार सरकार के अनुसार, ‘सहयोग’ पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की जाएगी। निर्धारित मानकों के आधार पर चयनित मामलों की सुनवाई प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। इस व्यवस्था से नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक नियमित और संस्थागत मंच मिलेगा।
सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद की पहल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘सहयोग’ सरकार की जन-केंद्रित पहल है, जिसके माध्यम से नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुनने और उसका प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

