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Tuesday, July 21, 2026
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सुप्रीम कोर्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध मामला गरम, 26 याचिकाओं पर सरकार से जवाब तलब

सुप्रीम कोर्ट ने रूस में कथित रूप से फंसे भारतीय नागरिकों से जुड़े मामले में दायर 26 रिट याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला उन भारतीयों से जुड़ा है, जो छात्र या पर्यटक वीजा पर रूस गए थे और अब युद्ध जैसी परिस्थितियों में फंसने का दावा कर रहे हैं।

यूक्रेन युद्ध में कथित रूप से धकेले जाने के गंभीर आरोप

याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि रूस गए भारतीय नागरिकों को उनकी इच्छा के विरुद्ध यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि कई लोग छात्र या टूरिस्ट वीजा पर गए थे, लेकिन बाद में उन्हें युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह स्थिति मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और भारत सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध मामला गरम, 26 याचिकाओं पर सरकार से जवाब तलब

विदेश मंत्रालय की निष्क्रियता पर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावित परिवारों द्वारा बार-बार की गई अपीलों के बावजूद विदेश मंत्रालय की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दायर याचिका में रूस में फंसे 26 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इसे बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य की निष्क्रियता के कारण नागरिक गंभीर संकट में हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भावनात्मक और गंभीर दलीलें

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि कई लोग या तो घायल हो चुके हैं या उनकी स्थिति की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवारों को आखिरी संदेश सितंबर और अक्टूबर 2025 के बीच मिले थे, जिनमें बताया गया था कि वे कुपियांस्क, सेलिदोवे, माकीवका और चेल्याबिंस्क जैसे संघर्ष क्षेत्रों में मौजूद हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले की जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को इस संवेदनशील मामले पर गंभीरता से जवाब देना होगा।

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