हरियाणा की राजनीति में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत और राज्य सरकार के मंत्री राव नरबीर के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक तनाव का असर अब प्रशासनिक फैसलों में भी दिखाई देने लगा है। जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समितियों में प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर हालिया बदलावों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
रेवाड़ी और हांसी की जिम्मेदारी पर शुरू हुआ विवाद
प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई सूची में राव नरबीर को रेवाड़ी और हांसी जिलों की जिम्मेदारी दी गई थी। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई, क्योंकि रेवाड़ी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का गृह जिला है। इस नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने तुरंत राजनीतिक रंग ले लिया और मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया।
रेवाड़ी से हटाकर झज्जर में नई जिम्मेदारी दी गई
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने त्वरित संशोधन करते हुए राव नरबीर को रेवाड़ी से हटाकर झज्जर जिले की जिम्मेदारी सौंप दी है। हालांकि वह हांसी जिले में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह निभाते रहेंगे। वहीं रेवाड़ी में अब कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारियां
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गुरुग्राम और सिरसा जिलों की समितियों की अध्यक्षता दी गई है। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और अन्य कई मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और राजनीतिक तनाव को संतुलित करने की रणनीति माना जा रहा है।

