दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। देवली में भारी जलभराव के बीच प्राइवेट पार्किंग की दीवार अचानक ढह गई। मलबे में कई गाड़ियां दब गईं, हालांकि राहत की बात रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।
देवली में अचानक भरभरा कर गिरी दीवार
राजधानी दिल्ली के देवली इलाके में भारी बारिश के बाद एक प्राइवेट पार्किंग की दीवार ढह गई। दीवार गिरते ही उसके पास खड़ी कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 10 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस वक्त दीवार गिरी, वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
मलबे में दब गईं कई गाड़ियां
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 8 से 10 गाड़ियों को भारी नुकसान हुआ है। पार्किंग में वाहन खड़े करने वाले लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां अपनी गाड़ियां पार्क कर रहे थे, लेकिन पहले इस तरह की घटना कभी नहीं हुई।

कई लोगों ने बताया कि वे पार्किंग के लिए हर महीने करीब 1,500 से 1,800 रुपये तक शुल्क देते हैं। हादसे के बाद वाहन मालिकों के सामने अब क्षतिग्रस्त गाड़ियों की मरम्मत और नुकसान की भरपाई का सवाल खड़ा हो गया है।
जलभराव को बताया हादसे की बड़ी वजह
स्थानीय निवासियों ने हादसे के लिए इलाके की खराब जलनिकासी व्यवस्था को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि आसपास सीवर का काम चल रहा था और सड़क की खुदाई के कारण बारिश का पानी ठीक से निकल नहीं पाया।
पानी जमा होने से दीवार पर दबाव बढ़ा और आखिरकार वह ढह गई। लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।
MCD के काम पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने दिल्ली नगर निगम के कामकाज को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इलाके में सीवर के लिए सड़कें खोदी गई हैं, लेकिन काम के दौरान जलनिकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं किया गया।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित विभागों की जांच जरूरी होगी। फिलहाल सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि बारिश के दौरान जलभराव ने कमजोर ढांचे को कितना प्रभावित किया।
दिल्ली-NCR में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
देवली की घटना ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली-NCR में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली की सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के कई हिस्सों से भी जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं।
लगातार बारिश ने एक बार फिर दिल्ली की ड्रेनेज व्यवस्था और मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जांच और राहत पर नजर
हादसे के बाद वाहन मालिकों को हुए नुकसान का आकलन करना जरूरी है। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि दीवार किस वजह से कमजोर हुई और जलभराव रोकने के लिए पहले से क्या इंतजाम किए गए थे।
देवली में दीवार गिरने की घटना सिर्फ कुछ गाड़ियों के नुकसान की कहानी नहीं है। यह मानसून में शहर की जलनिकासी और निर्माण व्यवस्था की कमजोरियों की ओर भी इशारा करती है। राहत की बात है कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए समय रहते व्यवस्था सुधारने की चेतावनी जरूर हैं।

