बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा फतेहगढ़ में किए गए रेल ट्रैक जाम का असर शनिवार को पंजाब के रेल यातायात पर व्यापक रूप से देखने को मिला। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा।
तीन घंटे तक ट्रैक जाम, कई ट्रेनें प्रभावित
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फतेहगढ़ में रेल ट्रैक जाम किया। इसके कारण पंजाब के विभिन्न रेल मार्गों पर ट्रेन संचालन प्रभावित रहा और कई ट्रेनों को देरी का सामना करना पड़ा।
वंदे भारत एक्सप्रेस का बदला गया रूट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को सामान्य लुधियाना-अंबाला मार्ग की बजाय लुधियाना-चंडीगढ़-अंबाला मार्ग से रवाना किया गया। इस वैकल्पिक रूट के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी रखा गया।

मालवा और आम्रपाली एक्सप्रेस हुईं लेट
ट्रैक जाम का सबसे अधिक असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा। मालवा एक्सप्रेस को साधुगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा, जबकि आम्रपाली एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मालवा एक्सप्रेस का लुधियाना पहुंचने का निर्धारित समय दोपहर करीब 1:30 बजे था, लेकिन प्रदर्शन के कारण उसके संचालन में विलंब हुआ।
यात्रियों को गर्मी और उमस में करना पड़ा इंतजार
मालवा और आम्रपाली एक्सप्रेस से अमृतसर और जम्मू जाने वाले कई यात्रियों को लुधियाना रेलवे स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ा। गर्मी और उमस के बीच यात्रियों ने ट्रेनों की स्थिति जानने के लिए पूछताछ केंद्र और सूचना पट्टों का सहारा लिया।
ट्रैक सामान्य होने के बाद बहाल हुआ संचालन
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन समाप्त होने और ट्रैक खाली होने के बाद ट्रेन संचालन को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। अंबाला की ओर से आने वाली कई अन्य ट्रेनों के भी दोपहर बाद तक देरी से पहुंचने की सूचना मिली। रेलवे ने परिचालन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करते हुए प्रभावित ट्रेनों को क्रमवार उनके गंतव्य तक रवाना किया।

