उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी अपनी ही अंदरूनी खींचतान से जूझती नजर आ रही है। पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना बन गई है। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के अब तक दो चुनावी दौरे हो चुके हैं लेकिन गुटबाजी और असंतोष को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है। ऐसे में अब पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व सीधे मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।
राहुल गांधी के दौरे से बढ़ी कार्यकर्ताओं की उम्मीद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगले सप्ताह या पखवाड़े के भीतर उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा केवल चुनावी शुरुआत नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन बनाने की कोशिश भी होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि राहुल गांधी के आने से संगठन में नई ऊर्जा आएगी और अलग-अलग गुटों के बीच दूरी कम होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दौरा कांग्रेस के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है क्योंकि भाजपा पहले ही चुनावी मोर्चे पर सक्रिय दिखाई दे रही है।

चतुर्भुज नेतृत्व और हरदा के बीच संतुलन बड़ी चुनौती
इस बार कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड में सामूहिक नेतृत्व मॉडल अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रचार समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत को मिलाकर एक चतुर्भुज नेतृत्व तैयार किया गया है। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अलग राजनीतिक शैली में सक्रिय हैं। पिछले 25 वर्षों में यह पहली बार माना जा रहा है जब हरीश रावत को चुनावी जिम्मेदारी में केंद्रीय भूमिका नहीं मिली है। यही कारण है कि पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें तेज हो गई हैं।
भाजपा की आक्रामक तैयारी से कांग्रेस पर दबाव
उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही राज्य में चुनावी माहौल बना चुके हैं। इसके मुकाबले कांग्रेस अब तक शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता के मामले में पीछे नजर आ रही थी। राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को इसी कमी को दूर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभाएं भी आयोजित की जा सकती हैं ताकि चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत संदेश दिया जा सके।

