कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश को गुमराह किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जनता के सामने इसे महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने वाला कदम बताया, जबकि इसके पीछे एक अलग राजनीतिक एजेंडा छिपा था। राहुल गांधी ने कहा कि यह पूरा प्रयास केवल एक विधेयक नहीं था बल्कि इसके जरिए देश के चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश की जा रही थी। उनके अनुसार यह मुद्दा लोकतंत्र की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
चुनावी मानचित्र बदलने की साजिश का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश के चुनावी मानचित्र को बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण के जरिए राज्यों की राजनीतिक ताकत को प्रभावित करना है। उनके अनुसार इससे दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों की भूमिका कमजोर हो जाएगी। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ बताया और कहा कि यह कदम संघीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने इस कथित योजना का मजबूती से विरोध किया और इसे सफल नहीं होने दिया।

संसद में विधेयक और विपक्ष का विरोध
लोकसभा में हाल ही में पेश किया गया संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका था, जिस पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व के नाम पर लाया गया था लेकिन इसके पीछे परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन का बड़ा खेल छिपा था। राहुल गांधी के अनुसार विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार के इस कदम को रोक दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता तो यह राज्यों की राजनीतिक संरचना को गहराई से प्रभावित करता और संघीय ढांचे पर सीधा असर पड़ता।
तमिलनाडु से चुनावी अभियान की शुरुआत और राजनीतिक संदेश
राहुल गांधी ने अपने बयान के साथ तमिलनाडु के रानीपेट से चुनावी अभियान की शुरुआत भी की, जहां उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर राज्य की पहचान और संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि राज्यों के अधिकार और संविधान की रक्षा का चुनाव है। कांग्रेस नेता ने कहा कि तमिलनाडु सहित पूरे देश के राज्यों को अपनी आवाज और पहचान बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन लोकतंत्र और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है और आगे भी इसी तरह संघर्ष जारी रहेगा।

