गन्ने की पेराई शुरू होने से पहले नरकटियागंज स्थित न्यू स्वदेशी शुगर मिल में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मशीनों और गन्ना तौल कांटों की पूजा की गई। इसके साथ आगामी पेराई सत्र के सुचारु संचालन की तैयारियों का विधिवत आगाज हुआ।
मशीनों और तौल कांटों की पूजा
गुरुवार को चीनी मिल परिसर में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान मिल में स्थापित गन्ना तौल कांटों और मशीनों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी, कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव कुमार त्यागी और गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ढाका ने पूजा में हिस्सा लिया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने आगामी पेराई सत्र के सफल संचालन की कामना की।
पेराई सत्र से पहले बढ़ा काम
चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू होने से पहले मशीनरी, तौल व्यवस्था और अन्य तकनीकी तैयारियों को पूरा करना जरूरी होता है। पूजा कार्यक्रम के बाद इन कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
मिल प्रबंधन की कोशिश है कि पेराई सत्र शुरू होने के समय मशीनों और तौल व्यवस्था में किसी तरह की बाधा न आए।

विश्वकर्मा पूजा का अलग महत्व
चीनी मिल परिसर में विश्वकर्मा पूजा को केवल धार्मिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जाता। मशीनों, तकनीक और श्रम से जुड़े संस्थानों में यह दिन उपकरणों के प्रति सम्मान और सुरक्षित संचालन की भावना से भी जुड़ा है।
हर साल मिलकर्मी मशीनों और तकनीकी उपकरणों की पूजा कर बेहतर उत्पादन और सुरक्षित कार्य व्यवस्था की कामना करते हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
पूजा कार्यक्रम में मिल के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य मिलकर्मी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद आगामी सत्र की तैयारियों को लेकर आवश्यक कार्यों को गति देने पर चर्चा हुई।
मिल परिसर में पेराई से जुड़े कामों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
किसानों के लिए भी अहम है पेराई सत्र
चीनी मिल का नया पेराई सत्र केवल मिल प्रबंधन के लिए नहीं, बल्कि आसपास के गन्ना किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। समय पर पेराई शुरू होने से किसानों को गन्ने की आपूर्ति और उससे जुड़े कार्यों को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है।
ऐसे में तौल व्यवस्था और मशीनरी का सुचारु संचालन पूरे पेराई चक्र के लिए अहम माना जाता है।
विश्वकर्मा पूजा के साथ नरकटियागंज न्यू स्वदेशी शुगर मिल में नए पेराई सत्र की तैयारियों को औपचारिक शुरुआत मिल गई है। अब मशीनों, तौल कांटों और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करना मिल प्रबंधन के सामने अगला महत्वपूर्ण काम है।

