बिहार के भोजपुर जिले में कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी बहस छेड़ दी है। जन सुराज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, जहां परिजनों ने घटना से जुड़ी अपनी बातें साझा कीं। इसके बाद पार्टी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचा। नेताओं ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और घटना की जानकारी ली। मुलाकात के दौरान परिजनों ने न्याय की मांग दोहराई और मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताई।
सामाजिक कार्यकर्ता की मौत पर जताई चिंता
मीडिया से बातचीत में मनोज भारती ने कहा कि भरत भूषण तिवारी लंबे समय से जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे थे। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की मौत की परिस्थितियों को लेकर यदि सवाल उठ रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

SIT जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
जन सुराज ने सरकार से मांग की है कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके। पार्टी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों को अलग रखा जाए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
मुआवजा और नौकरी की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार को न्याय के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी मिलनी चाहिए।
राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल
जन सुराज के नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि घटना के बाद हुए प्रशासनिक फैसलों ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

