लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खराब मौसम के कारण पंतनगर से अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके। हालांकि उनका कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ और उन्होंने सिमकनी मैदान में जुटे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और जनता के मुद्दों को लेकर तीखे सवाल उठाए। राहुल गांधी ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावी संबोधन में कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया और जल्द ही उत्तराखंड आने का भरोसा दिया।
रिमोट कंट्रोल से चल रहा है उत्तराखंड का शासन
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने उत्तराखंड की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन इसलिए हुआ था ताकि यहां की जनता अपने भविष्य का निर्णय खुद कर सके, लेकिन आज हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड को स्थानीय लोगों की बजाय दिल्ली से “रिमोट कंट्रोल” के जरिए चलाया जा रहा है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन हो रहा है और जनता की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

आर्थिक नीतियों और केंद्र सरकार पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी की गलत नीतियों ने देश के छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों की कमर तोड़ दी है। उनके अनुसार, इन नीतियों ने देश की आर्थिक संरचना को कमजोर किया है। विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की नीतियां अब स्वतंत्र नहीं रह गई हैं और निर्णय कुछ चुनिंदा हाथों में सिमट गए हैं।
कृषि, शिक्षा और जनहित के मुद्दों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कृषि और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था आम जनता के बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को “बब्बर शेर” बताते हुए उनसे संघर्ष जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत किया जाएगा और विपक्ष पूरी ताकत से जनता की आवाज उठाता रहेगा।
जल्द उत्तराखंड आने का दिया भरोसा
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि वे जल्द ही उत्तराखंड आएंगे और जनता से सीधे मुलाकात करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। उनके इस वर्चुअल संबोधन ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

