देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राजधानी के कई इलाके पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इस संकट को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
सरकारी योजनाओं पर सवाल और जमीनी हकीकत
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार का ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ केवल कागजों और प्रचार तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने “गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग” जैसे अभियान तो चलाए, लेकिन इसका कोई असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों को राहत देने के बजाय सरकार केवल प्रचार में व्यस्त नजर आ रही है।

कई इलाकों में गंभीर जल संकट
कांग्रेस नेता के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कई कॉलोनियों में लोग घंटों पानी के टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं। जहां टैंकर पहुंच भी रहे हैं, वहां लंबी कतारें और भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वजीराबाद बैराज में यमुना का जलस्तर घटने से स्थिति और बिगड़ गई है, जिससे जल शोधन संयंत्रों पर भी असर पड़ा है।
टैंकर व्यवस्था और भविष्य की चेतावनी
देवेंद्र यादव ने टैंकर माफिया और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले वर्षों में जल बोर्ड की व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने दावा किया कि करीब 3 करोड़ की आबादी के लिए 1300 एमजीडी पानी की जरूरत है, जबकि सिर्फ 900 एमजीडी पानी ही उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय का घेराव करेगी।

