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Tuesday, July 21, 2026
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पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी ने समर्थकों के साथ की बड़ी बैठक, हाईकमान से मुलाकात की तैयारी

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में संगठनात्मक मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थक नेताओं के साथ अहम बैठक कर हाईकमान से बातचीत के लिए समिति बनाई है। बैठक के बाद प्रदेश नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।

चन्नी ने बुलाई समर्थक नेताओं की बैठक

कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi ने चमकौर साहिब में अपने समर्थक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद हाईकमान से बातचीत के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

हाईकमान से बातचीत करेगी समिति

सूत्रों के मुताबिक, गठित समिति में चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा Rana Gurjeet Singh, Tript Rajinder Singh Bajwa, O. P. Soni और Bharat Bhushan Ashu शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह समिति कांग्रेस नेतृत्व से मिलकर संगठनात्मक मुद्दों और कार्यकर्ताओं की राय रखेगी।

पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी ने समर्थकों के साथ की बड़ी बैठक, हाईकमान से मुलाकात की तैयारी

प्रदेश अध्यक्ष को लेकर असंतोष

हाल ही में कांग्रेस ने Amarinder Singh Raja Warring को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला किया था। वहीं चन्नी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया। इसके बाद कुछ नेताओं और समर्थकों ने सार्वजनिक रूप से मांग की कि चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

समर्थकों ने रखी अपनी राय

बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन में बदलाव की आवश्यकता है। पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ और पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ सहित कुछ नेताओं ने अपने विचार रखते हुए चन्नी के नेतृत्व का समर्थन किया। ये बयान संबंधित नेताओं के व्यक्तिगत राजनीतिक विचार हैं और इन्हें कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं माना जाता।

कांग्रेस के सामने संगठनात्मक चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना होगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हाईकमान इस समिति की मांगों पर क्या फैसला करेगा। फिलहाल पार्टी की ओर से प्रदेश नेतृत्व में किसी नए बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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