उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पोस्टर वार की राजनीति तेज हो गई है। इस बार निशाने पर समाजवादी पार्टी है। बदायूं कांड को लेकर सपा के खिलाफ कई शहरों में होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। यह पोस्टर बदायूं, नोएडा, गाजियाबाद, हरदोई, कानपुर, शाहजहांपुर, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर देहात जैसे जिलों में देखे गए हैं। अचानक सामने आए इन पोस्टरों ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।
12 साल पुराना बदायूं मामला फिर सुर्खियों में
इन पोस्टरों में 12 साल पुराने बदायूं डबल रेप और हत्या कांड का जिक्र किया गया है। यह घटना उस समय की है जब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी। आरोप है कि घटना में शामिल आरोपी एक विशेष समाज से थे और पीड़ित लड़कियां शाक्य समाज से थीं। उस समय यह मामला देशभर में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद बन गया था। अब इतने साल बाद इस मुद्दे को फिर से पोस्टरों के जरिए उठाया जा रहा है जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

अखिलेश यादव और आजम खान की तस्वीर से बढ़ा विवाद
कन्नौज समेत कई जगह लगाए गए होर्डिंग्स में समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताया गया है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ वरिष्ठ नेता आजम खान की तस्वीर भी शामिल की गई है। कुछ जगहों पर अखिलेश यादव को सफेद टोपी में दिखाया गया है जिससे विवाद और बढ़ गया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन पोस्टरों के पीछे कौन लोग हैं। इस रहस्य ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
सपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा और विरोध तेज
इन पोस्टरों के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर सपा समर्थकों ने इन होर्डिंग्स को हटा दिया है। पार्टी कार्यकर्ता इसे अराजक तत्वों की साजिश बता रहे हैं और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेशभर में इस तरह के पोस्टरों के फैलने से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

