गोरखपुर के कैंट इलाके में रविवार देर रात करीब दो बजे पुलिस और चेन स्नेचरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश शहर में एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
मुखबिर से मिली सूचना के बाद कैंट पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की टीम ने पैडलेगंज के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक से जा रहे दो युवकों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई
पुलिस का दावा है कि रोकने पर दोनों युवकों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी।
मुठभेड़ के दौरान सिपाही भूपेंद्र यादव भी घायल हो गए। घायल बदमाशों और पुलिसकर्मी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों आरोपियों का पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है।
अजय और संजय गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार बदमाशों की पहचान गगहा के देउरवीर गांव निवासी अजय उर्फ मंगरु और बेलीपार के कसिहार निवासी संजय के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय के खिलाफ अलग-अलग थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं, जबकि संजय के खिलाफ 11 मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और पिछली वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

दो चेन और तमंचा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चेन, एक बाइक, देशी तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों बदमाशों ने इन चेन को किन घटनाओं में लूटा था।
एसपी सिटी निमिष पाटील के मुताबिक दोनों आरोपी कई चेन स्नेचिंग की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
जुलाई में भी दर्ज हुए थे मामले
पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाशों के खिलाफ कैंट थाने में जुलाई में चेन स्नेचिंग के मामले दर्ज हुए थे। 20 जुलाई को एक महिला अपने पति के साथ सब्जी लेने जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उसके गले से चेन छीन ली और फरार हो गए।
इसके कुछ दिन बाद 29 जुलाई की सुबह टहल रही एक महिला के गले से भी चेन छीनने की घटना सामने आई थी। दोनों मामलों में महिलाओं की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस अब खंगाल रही पुराना रिकॉर्ड
मुठभेड़ के बाद पुलिस दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है। बरामद बाइक और हथियारों की भी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष: गोरखपुर में हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो कथित चेन स्नेचरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। अब जांच का फोकस उनकी अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों तक पहुंचने पर है।

