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Monday, December 8, 2025
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संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू, 10 बड़े विधेयकों पर होगी चर्चा, विपक्ष ने भी जताई तैयारी

भारत की संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इससे पहले आज सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की बैठक हुई। इस बैठक में सरकार के कई मंत्री मौजूद थे जिनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा के नेता और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके समेत कई अन्य दलों के नेता भी इस बैठक में शामिल हुए। इसमें संसदीय कार्यों और कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हुई।

राष्ट्रपति का अनुमोदन और विपक्ष की संभावित रणनीति

केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शीतकालीन सत्र के आयोजन की मंजूरी प्राप्त कर ली है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्विटर पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र लोकतंत्र को मजबूत करने और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण होगा। वहीं, विपक्षी दल इस सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की योजना बना रहे हैं। विशेष रूप से हरियाणा और महाराष्ट्र में कथित वोट चोरी और SIR प्रोजेक्ट पर सत्र में तीव्र बहस हो सकती है।

10 महत्वपूर्ण बिलों की प्रस्तावित सूची

शीतकालीन सत्र में कुल 10 बिल पेश किए जाएंगे। इनमें से प्रमुख बिलों में एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 शामिल है, जो देश में परमाणु ऊर्जा के उपयोग को विनियमित करेगा। उच्च शिक्षा आयोग बिल भी इस सत्र की एजेंडा में है, जो विश्वविद्यालयों को स्वायत्तता देगा और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को बढ़ावा देगा। राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन बिल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने का उद्देश्य रखता है। कॉर्पोरेट लॉ संशोधन बिल 2025 भी पेश किया जाएगा, जिससे कारोबार में आसानी आएगी।

नए सिंगल सिक्योरिटीज मार्केट कोड का प्रस्ताव

सरकार ने सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल 2025 का भी प्रस्ताव रखा है, जो SEBI एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को एकीकृत करके एक सरल और स्पष्ट कोड बनाएगा। इसके अलावा, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी इस सत्र में रखा जाएगा। यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और कंपनी निदेशकों से जुड़ी टिप्पणियों के आधार पर तैयार किया गया है। पिछले सत्र के दो बिल भी इस सत्र में पारित करने के लिए सूचीबद्ध हैं।

बजट संशोधन और संसद की उम्मीदें

इस सत्र में वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। यह बजट आर्थिक मामलों में सरकार की योजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगा। संसद के इस सत्र को लेकर उम्मीदें हैं कि यह समय सार्थक चर्चा और नए कानूनों के पारित होने का होगा। सरकार ने इसे एक रचनात्मक और उत्पादक सत्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे देश के विकास और लोकतंत्र को मजबूती मिले।

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