कई दिनों से उत्तराखंड सरकार और आंदोलनरत निहंगों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के बाद सहमति बनी, जिसके बाद निहंगों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम को धार्मिक सौहार्द और संवाद के जरिए समाधान निकालने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
देर रात हुई अहम बैठक
शुक्रवार (27 जून 2026) देर रात निहंगों के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी मांगों और विवाद से जुड़े मुद्दों से अवगत कराया। बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को पूरे मामले के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी।
इसके बाद उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बातचीत कर दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया गया।
बातचीत से निकला समाधान
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई लगातार वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। प्रयास किया गया कि निहंगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहे और प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

सहमति बनने के बाद लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त हो गया और निहंगों ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया।
निहंग प्रतिनिधियों ने जताया आभार
समझौते के बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित पत्रकार वार्ता में निहंगों के जत्थेदार मेजर सिंह सोढी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हरियाणा के महासचिव अंग्रेज सिंह और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार एवं सचिव तरुण भंडारी ने संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी।
निहंग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकलना सकारात्मक पहल है।
“यह धार्मिक नहीं, प्रशासनिक विवाद था”
पत्रकार वार्ता में जत्थेदारों ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी भी तरह की धार्मिक लड़ाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी आपस में भाई-भाई हैं और समाज में भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
चार निहंगों को मिली जमानत
इसी बीच, उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए तलवार से हमले के मामले में गिरफ्तार चार निहंगों को भी राहत मिली है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत से जमानत मिलने के बाद सतविंदर सिंह, अजय सिंह और जसप्रीत सिंह को रिहा कर दिया गया। वहीं घायल निहंग मनप्रीत सिंह का इलाज पुलिस निगरानी में एम्स ऋषिकेश में जारी है।
संवाद से निकला रास्ता
पूरे घटनाक्रम में दोनों राज्यों के बीच समन्वय और संवाद की भूमिका अहम रही। आंदोलन समाप्त होने के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसे बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की सकारात्मक मिसाल माना जा रहा है।

