New Zealand Cricket Board ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। तगड़ी बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले डेवोन कॉनवे को जिम्बाब्वे में होने वाली टी20 ट्राई सीरीज़ के लिए टीम में जगह नहीं दी गई है। कॉनवे ने बीते साल जून में न्यूजीलैंड के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था जो टी20 वर्ल्ड कप का हिस्सा था। तब से लेकर अब तक वे बाहर चल रहे हैं और इस बार उन्हें टीम से बाहर रखने के पीछे एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
कॉनवे को क्यों किया गया बाहर?
दरअसल, डेवोन कॉनवे ने हाल ही में न्यूजीलैंड बोर्ड का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ठुकरा दिया था। उन्होंने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय लीग क्रिकेट खेलने के लिए लिया जिससे बोर्ड नाराज़ दिख रहा है। माना जा रहा है कि यही उनकी टीम से बाहर होने का असली कारण है। कोच रॉब वॉल्टर की नियुक्ति के बाद यह टीम का पहला बड़ा फैसला है और इससे यह संदेश गया है कि टीम के अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। कॉनवे की गैरमौजूदगी से टीम की बैटिंग लाइन-अप पर असर पड़ सकता है।
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केन विलियमसन भी बाहर, लेकिन कारण अलग
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और सीनियर बल्लेबाज़ केन विलियमसन ने खुद इस सीरीज़ से किनारा कर लिया है। वे इस समय मिडलसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेल रहे हैं और इसलिए इस सीरीज़ के लिए उपलब्ध नहीं हैं। उनके ना खेलने से टीम में अनुभव की कमी जरूर महसूस होगी। हालांकि, उनकी जगह कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है जिससे भविष्य के लिए एक नई टीम तैयार की जा सके।
नए चेहरों को मिला मौका
इस बार की टी20 टीम में कई नए नाम जोड़े गए हैं। बेवन जैकब्स, जिन्हें पिछले साल श्रीलंका सीरीज़ में टीम में चुना गया था लेकिन डेब्यू नहीं कर पाए थे, अब उन्हें एक और मौका मिला है। साथ ही एडम मिल्ने, फिन एलेन, और टिम सिफर्ट की वापसी भी हुई है। खासतौर पर फिन एलेन का प्रदर्शन हाल ही में मेजर लीग क्रिकेट में बेहद शानदार रहा जहां उन्होंने 151 रन और 19 छक्के लगाए थे। टीम की कमान इस बार अनुभवी स्पिनर मिचेल सैंटनर के हाथ में होगी।
सीरीज़ की तैयारी और संभावनाएं
न्यूजीलैंड की यह टीम अब अगले महीने जिम्बाब्वे में दक्षिण अफ्रीका और मेज़बान जिम्बाब्वे के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज़ खेलेगी। यह सीरीज़ नए खिलाड़ियों को आज़माने और टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है। हालांकि डेवोन कॉनवे और विलियमसन जैसे खिलाड़ियों की गैरहाज़िरी टीम के अनुभव को थोड़ा कमजोर जरूर कर सकती है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका मिलेगा।

