मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस पार्टी इस बार बेहद सावधानी के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रही है और हर फैसले को रणनीतिक रूप से देख रही है. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि उम्मीदवार चयन में कोई चूक न हो. यही कारण है कि वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार विचार विमर्श किया जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि कांग्रेस इस बार मजबूत और संतुलित उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है. आने वाले दिनों में यह फैसला पार्टी की राज्य में रणनीतिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है.
खड़गे के आवास पर होगी अहम रणनीतिक बैठक
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित 10 राजाजी मार्ग आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल होंगे. बैठक में मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की जाएगी. पार्टी नेतृत्व इस बैठक को बेहद अहम मान रहा है.

उम्मीदवार चयन को लेकर अंतिम निर्णय की तैयारी
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देना हो सकता है. हालांकि आधिकारिक तौर पर एजेंडा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन राजनीतिक संकेत यही बताते हैं कि पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है. नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण कांग्रेस पर जल्द निर्णय लेने का दबाव भी बढ़ गया है. पार्टी हर संभावित नाम पर गंभीरता से विचार कर रही है ताकि चुनाव में मजबूत स्थिति बनाई जा सके.
वरिष्ठ नेताओं के नामों पर सियासी कयास तेज
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर कई बड़े नाम चर्चा में हैं. इनमें जीतू पटवारी कमलनाथ दिग्विजय सिंह मीनाक्षी नटराजन और सज्जन वर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं. पार्टी के भीतर इन नामों को लेकर लगातार मंथन चल रहा है. खड़गे के आवास पर होने वाली इस बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस बार संतुलन और अनुभव दोनों को ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय करेगी. इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल और तेज होने की संभावना है.

