back to top
Tuesday, July 21, 2026
Homeराजनीतिमेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड पर बवाल, महापंचायत में लाठीचार्ज, 13 पर...

मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड पर बवाल, महापंचायत में लाठीचार्ज, 13 पर FIR

उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर आयोजित महापंचायत के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस का आरोप है कि बाहर से आए कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाकर सड़क जाम कराया और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं।

सड़क जाम के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी पहले कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे और फिर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना देकर बैठ गए। वे जिला अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने और ज्ञापन देने की प्रक्रिया अपनाने की अपील की, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान गिरफ्तार किए गए कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहन में बैठाया गया, जहां SSP अविनाश पांडेय द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड पर बवाल, महापंचायत में लाठीचार्ज, 13 पर FIR

13 लोगों पर केस, 6 आरोपी गिरफ्तार

मेरठ पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार लोगों में रवि गौतम, दिग्विजय सिंह और रितिक सहित कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिन पर पुलिस के अनुसार पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि कई आरोपी दूसरे जिलों से मेरठ आए थे और उन्होंने प्रदर्शन को हिंसक बनाने की कोशिश की। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस का दावा, जांच जारी

मेरठ पुलिस के अनुसार, ललिता गौतम की गुमशुदगी की सूचना 16 मई को दर्ज हुई थी और 17 मई को उनका शव बरामद हुआ। मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपियों के अलावा दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई, जिन पर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतका के परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया और उनकी हर शिकायत पर कार्रवाई की गई। इसके बावजूद कुछ अराजक तत्वों ने मामले को अलग दिशा देने का प्रयास किया और सड़क जाम कर कानून व्यवस्था प्रभावित की। पुलिस अब वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments