दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में रविवार को एक फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, आग स्वरूप नगर की गली नंबर 2 स्थित एक इमारत में लगी।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 15 गाड़ियां तैनात की गईं।
बेसमेंट और पहली मंजिल तक पहुंची आग
पुलिस के अनुसार, आग खसरा नंबर 357/58 स्थित इमारत के बेसमेंट और पहली मंजिल पर लगी थी। यहां जूडो के कपड़े और मुक्केबाजी के दस्ताने बनाए जाते थे।
दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित करने का काम शुरू किया। अधिकारियों के निर्देश पर फायर फाइटिंग ऑपरेशन चलाया गया।
आग से नहीं, दहशत से घायल हुए लोग
हादसे में आग की चपेट में आने से किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग और धुएं के कारण सामने वाली इमारत में रहने वाले लोगों के बीच दहशत फैल गई।

इसी दौरान कुछ लोगों ने घबराकर इमारत से नीचे छलांग लगा दी। घटना में कुल छह लोग घायल हुए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पांच लोग बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचे
जानकारी के मुताबिक, पास के घर के छह लोगों को धुएं में सांस लेने और अन्य चोटों के कारण अस्पताल ले जाया गया। इनमें से पांच लोगों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल और एक घायल को बुराड़ी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक व्यक्ति के पास की इमारत से कूदने के दौरान दाहिने पैर में चोट लगी। अस्पताल में सभी घायलों का उपचार कराया गया।
रेक्सिन कतरन और सूती सामग्री के गोदाम में आग
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग रेक्सिन की कतरन और सूती बुनाई के सामान से जुड़े गोदाम में लगी थी। इमारत में बेसमेंट, पहली मंजिल और दूसरी मंजिल पर टिन की शेड बनी हुई थी।
बताया गया कि पूरी संरचना करीब 200 वर्ग गज क्षेत्र में फैली हुई थी। गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने तेजी से फैलने की स्थिति बनाई।
आग पर काबू पाया गया
दमकल की कई गाड़ियों और फायरकर्मियों की कार्रवाई के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद टीम ने यह सुनिश्चित करने का काम किया कि कहीं दोबारा आग न भड़के।
पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं और स्थिति का जायजा लिया।
आग लगने के कारण की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में चल रही फैक्ट्रियों और गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आग के कारणों और सुरक्षा मानकों से जुड़ी किसी भी लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

