उत्तराखंड सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेल विभाग के कोटे में पहली बार शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक और आइस स्पोर्ट्स को शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद खेल विभाग के अधीन संचालित खेलों की संख्या आठ से बढ़कर 12 हो गई है। नई खेल विधाओं का नियमित प्रशिक्षण 15 जुलाई से देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में शुरू किया जाएगा।
अब खिलाड़ियों को मिलेगा सरकारी स्तर पर आधुनिक प्रशिक्षण
राज्य गठन के बाद अब तक खेल विभाग में फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और क्रिकेट जैसी आठ खेल विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता था। अब नई चार विधाओं के जुड़ने से खिलाड़ियों को ओलंपिक आधारित खेलों में भी सरकारी स्तर पर उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिल सकेगा। खेल विभाग ने इन खेलों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार कर ली हैं और प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी पूरी कर दी गई है।

दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम
खेल विभाग का मानना है कि नई खेल विधाओं के शुरू होने से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अब विभिन्न जिलों के खिलाड़ी कम खर्च में अपने ही राज्य में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इससे राज्य की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
कक्षा छह में प्रवेश के साथ होगा खेल का चयन
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा के आधार पर खेलों का चयन किया जाएगा। नई खेल विधाओं के लिए जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू होगी। कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं ने बताया कि 15 जुलाई से शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक और आइस स्पोर्ट्स का नियमित प्रशिक्षण शुरू होगा और सभी खेलों के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। सरकार का यह कदम राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

