back to top
Thursday, October 15, 2026
Homeराज्यबृजभूषण शरण सिंह की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, चार महिला पहलवानों ने बरी...

बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, चार महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को दी चुनौती

पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में कानूनी लड़ाई एक बार फिर आगे बढ़ गई है। चार महिला पहलवानों ने दिल्ली की अदालत में उनकी बरी होने के फैसले को चुनौती दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका पर बृजभूषण सिंह, पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

चार महिला पहलवानों ने दाखिल की आपराधिक याचिका

महिला पहलवानों ने 25 सितंबर को बृजभूषण सिंह के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आपराधिक रिवीजन याचिका दाखिल की थी। यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन के माध्यम से विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह की अदालत में दाखिल की गई।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला कानून के अनुरूप नहीं है और इसमें साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया। पहलवानों की ओर से फैसले को कथित तौर पर पुराने और रूढ़िवादी नजरिए पर आधारित बताया गया है।

9 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने सोमवार को याचिका पर नोटिस जारी किया। अदालत ने दिल्ली पुलिस, बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर से जवाब मांगा है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है। उस दिन संबंधित पक्ष अपनी दलीलें और जवाब अदालत के सामने रख सकते हैं।

बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, चार महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को दी चुनौती

3 अगस्त को निचली अदालत ने किया था बरी

इस मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अदालत ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था।

अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों में विरोधाभास, दस्तावेजों में असंगतियों और तत्काल शिकायतों के अभाव समेत कई पहलुओं पर विचार किया था। अदालत के अनुसार अभियोजन आरोपों को आवश्यक स्तर तक साबित नहीं कर सका।

निचली अदालत के फैसले को ही अब चार महिला पहलवानों ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है।

पहलवानों ने फैसले पर क्या आपत्ति जताई?

याचिका में महिला पहलवानों की ओर से तर्क दिया गया है कि निचली अदालत ने कथित पीड़ितों के व्यवहार को लेकर ऐसी धारणाओं का इस्तेमाल किया, जो यौन उत्पीड़न के मामलों में जरूरी नहीं हैं।

याचिका में यह भी कहा गया कि किसी महिला का तत्काल विरोध नहीं करना, घटना की हर तारीख या विवरण को पूरी सटीकता से याद न रखना या पेशेवर कारणों से आरोपी के संपर्क में बने रहना अपने आप में शिकायत को खारिज करने का आधार नहीं होना चाहिए।

ये दलीलें फिलहाल याचिकाकर्ताओं का पक्ष हैं। इन पर अंतिम निर्णय अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही होगा।

विनोद तोमर की भूमिका पर भी चुनौती

महिला पहलवानों ने सिर्फ बृजभूषण सिंह की बरी होने को चुनौती नहीं दी है। पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने के फैसले को भी याचिका में चुनौती दी गई है।

अब अदालत दोनों आरोपियों और दिल्ली पुलिस का जवाब सुनने के बाद यह तय करेगी कि याचिका पर आगे किस तरह की न्यायिक कार्यवाही होगी।

2023 में शुरू हुआ था बड़ा पहलवान आंदोलन

बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर 2023 में महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2023 में FIR दर्ज की थी।

बाद में पुलिस ने बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मई 2024 में अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल बृजभूषण सिंह को निचली अदालत से मिली बरी की स्थिति बरकरार है। चार महिला पहलवानों की याचिका के बाद अब सेशंस कोर्ट इस चुनौती पर सुनवाई करेगा।

9 अक्टूबर की सुनवाई में बृजभूषण सिंह, विनोद तोमर और दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने आएगा। इसके बाद अदालत आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय ले सकती है। इसलिए मौजूदा स्थिति में यह कहना उचित नहीं होगा कि निचली अदालत का बरी करने का फैसला पलट गया है—फिलहाल उसे चुनौती दी गई है और मामला न्यायिक विचाराधीन है।

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में चार महिला पहलवानों की अपील के बाद कानूनी प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है। 3 अगस्त को निचली अदालत ने सबूतों की कमी और बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए सिंह और विनोद तोमर को बरी किया था। अब सेशंस कोर्ट इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा और 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments