फ्रांस के एवियॉन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने प्रधानमंत्री से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा अमेरिका के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियो संदेश
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप के साथ होने वाली मुलाकात में भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत की भावनाओं को स्पष्ट रूप से रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लोगों में इस घटना को लेकर दुख और नाराजगी है, जिसे अमेरिका तक पहुंचाया जाना जरूरी है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर भी उठाए सवाल
वीडियो संदेश में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों की मौत के बाद केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर रही। उन्होंने कहा कि इस घटना पर सरकार को अधिक स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाना चाहिए था। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर दृढ़ता से अपनी बात रखनी चाहिए।

जी-7 सम्मेलन में अहम होगी मोदी-ट्रंप मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात को कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे समय में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बैठक की अहमियत
मोदी-ट्रंप बैठक से पहले केजरीवाल का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ विपक्ष सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों नेताओं की बातचीत में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाती है।
जी-7 सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी-ट्रंप बैठक केवल भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक मुद्दों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में भारतीय नागरिकों की मौत को लेकर उठे सवाल और विपक्ष की मांगें इस मुलाकात को और अधिक चर्चित बना रही हैं।

