कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अभिनेता रणवीर सिंह को गोवा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के दौरान हुई एक विवादित घटना को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि रणवीर सिंह ने फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ में ऋषभ शेट्टी द्वारा निभाए गए किरदार की नकल करते हुए एक देवता को महिला भूत कह दिया। इस बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक विवाद उत्पन्न हो गया और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक राज्य सरकार रणवीर सिंह के विरुद्ध कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी।
रणवीर सिंह और वकील का पक्ष
रणवीर सिंह के वकील सीनियर एडवोकेट साजन पूवैया ने अदालत में बताया कि यह घटना अनजाने में हुई और इसके लिए अभिनेता ने माफी भी मांग ली है। वकील ने कहा कि रणवीर सिंह की ओर से कोई इरादा या जानबूझकर अपमान करने की कोशिश नहीं थी। वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि एक बड़े अभिनेता को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए था और कोर्ट को इस मामले में निर्णय लेते समय कर्नाटक के लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।

कोर्ट ने लगाई फटकार और संवेदनशीलता पर जोर
जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बैंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि रणवीर सिंह जैसे पब्लिक फिगर के शब्दों का समाज पर बड़ा प्रभाव होता है। कोर्ट ने कहा कि ऋषभ शेट्टी देवी चामुंडी का किरदार निभा रहे थे और उनके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती थी। जज ने स्पष्ट किया कि स्टेज पर प्रस्तुति देते समय सावधानी जरूरी है और किसी भी देवता या धार्मिक प्रतीक की नकल हल्के में नहीं ली जा सकती। कोर्ट ने कहा कि माफी देने से शब्द वापस नहीं हो जाते और इंटरनेट कभी भूलता नहीं है।
अगली सुनवाई और जिम्मेदारी
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुमति दी कि वह अपनी आपत्तियां अगली सुनवाई तक दर्ज कराए। अदालत ने कहा कि अभिनेता के पास बड़ी जिम्मेदारी होती है और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। रणवीर सिंह के वकील ने कहा कि वह अपनी लापरवाही सुधारने के लिए तैयार हैं। अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस मामले से यह स्पष्ट हो गया कि पब्लिक फिगर्स को स्टेज और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर संवेदनशीलता से पेश आना अनिवार्य है।

