कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक, बेरोजगारी और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में असली लड़ाई सड़क पर लड़ी जा रही है, जबकि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया और रील्स के जरिए राजनीति करने में लगे हैं। उनके अनुसार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन विपक्ष लगातार जमीन पर संघर्ष कर रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी पर कन्हैया कुमार का विवादित बयान
बातचीत के दौरान कन्हैया कुमार ने एक राजनीतिक दल पर निशाना साधते हुए “कॉकरोच जनता पार्टी” का नाम लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह लोग विपक्ष का विकल्प बनने की बजाय सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाकर राजनीति कर रहे हैं। कन्हैया के अनुसार राजनीति का असली आधार जनता के बीच जाकर काम करना है, न कि डिजिटल दिखावा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह समूह राजनीतिक दल बनाना चाहता है तो उन्हें जमीन पर उतरकर काम करना चाहिए।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया
कन्हैया कुमार ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सीधा हमला किया और पूछा कि इस मुद्दे पर जिम्मेदारी क्यों तय नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं में भारी गुस्सा है। कन्हैया ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाती रहेगी और आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल
उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इसे लेकर विपक्ष लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद विपक्ष के पास ऐसे सबूत हैं जो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है।
विपक्ष की रणनीति और आने वाले आंदोलन का संकेत
कन्हैया कुमार ने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर लगातार सड़क पर रहेगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, पेपर लीक और चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार जनता अब जागरूक हो चुकी है और राजनीतिक जवाबदेही की मांग कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर जन आंदोलन देखने को मिल सकता है।

