जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने का वीडियो वायरल होने के बाद अब छात्रा की मां का बयान सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी को माफ कर एक नया जीवन और अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया गया है। वहीं, मामले में दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी अपील की गई है।
वायरल वीडियो के बाद सामने आई मां की प्रतिक्रिया
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि बदले की भावना के बजाय क्षमा का रास्ता चुनना उनकी महानता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को अपनी गलती का एहसास हो चुका है और यह उसके जीवन का दूसरा मौका है।
मां ने भावुक होकर कहा, “आज मेरी बेटी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री ने उसे माफ कर सबसे बड़ा उपहार दिया है। यह उसके लिए एक नए जीवन की शुरुआत जैसा है।”
पीएम मोदी ने संयम की अपील की थी
यह मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए थे। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि ऐसे मामलों में गुस्से या प्रतिशोध के बजाय संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं को “गुमराह” बताया था।
छात्रा ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी
प्रधानमंत्री की अपील के बाद छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने खुद को 15 वर्षीय छात्रा बताते हुए अपनी गलती स्वीकार की। उसने कहा कि वह दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी और वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आकर नारे लगाने लगी।
उसने पूरे देश से माफी मांगते हुए कहा कि उसे अपने व्यवहार पर शर्मिंदगी है और यह उसकी पहली तथा आखिरी गलती होगी।
FIR दर्ज, उम्र को लेकर उठाया सवाल
माफी के बावजूद छात्रा के खिलाफ शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने भेजा गया।
छात्रा की मां का कहना है कि एफआईआर में उसकी उम्र 25 वर्ष दर्ज की गई है, जबकि वह 15 वर्ष की नाबालिग है। उन्होंने एफआईआर वापस लेने की अपील करते हुए इस तथ्य की जांच की मांग की।
सोशल मीडिया और नाबालिगों पर उठाए सवाल
छात्रा की मां ने सरकार से आग्रह किया कि कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग और राजनीतिक प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर प्रभावी दिशा-निर्देश बनाए जाएं। उनका कहना था कि नाबालिगों को भड़काना आसान होता है और उन्हें ऐसे विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर छात्रा और उसके परिवार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, वहीं दूसरी ओर एफआईआर और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले के तथ्य और कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

