भारतीय रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 43,781 उम्मीदवारों को नौकरी प्रदान की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे भर्ती प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित बनाया जा रहा है तथा भविष्य में सभी प्रमुख भर्ती परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।
नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि रेलवे ने छह प्रमुख श्रेणियों में कुल 47,084 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की, जिनमें से 43,781 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है।
रेल मंत्री के अनुसार सबसे अधिक नियुक्तियां असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) पदों पर हुई हैं, जहां 18,799 उम्मीदवारों को नौकरी मिली। इसके अलावा टेक्नीशियन श्रेणी में 14,298, जूनियर इंजीनियर (JE), डीएमएस और सीएमए पदों पर 7,951, कॉन्स्टेबल पदों पर 4,208, सब-इंस्पेक्टर पदों पर 452 तथा पैरामेडिकल कैटेगरी में 1,376 उम्मीदवारों का चयन किया गया।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड की चयन प्रक्रिया देश की सबसे बड़ी भर्ती प्रणालियों में से एक है। इसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं और परीक्षा देशभर के विभिन्न शहरों एवं केंद्रों पर आयोजित की जाती है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए परीक्षाएं कई शिफ्टों में आयोजित की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को समान अवसर देने के उद्देश्य से रेलवे भर्ती परीक्षाएं 15 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। इससे देश के विभिन्न राज्यों के उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा दे सकते हैं।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि CBT आधारित परीक्षा प्रणाली से भर्ती प्रक्रिया तेज, निष्पक्ष और अधिक विश्वसनीय बनेगी।
भारतीय रेलवे की यह उपलब्धि रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ रेलवे ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तकनीक-संचालित बनाया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके।

