हरियाणा सरकार ने दिव्यांग नागरिकों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। प्रदेश परिवहन विभाग ने हरियाणा रोडवेज की बसों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को भी अब निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का आदेश जारी किया है। इससे पहले यह सुविधा केवल 100 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों तक ही सीमित थी, लेकिन अब 40 से 99 प्रतिशत तक दिव्यांगता वाले लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों दिव्यांग नागरिकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी हो गई है।
पहले केवल 100% दिव्यांगों को मिलता था लाभ, अब दायरा बढ़ाया गया
इस योजना की शुरुआत 25 अगस्त 2008 को की गई थी, जिसके तहत केवल 100 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों को ही रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी। उस समय यह व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई थी। इसके साथ ही नियम था कि दिव्यांग व्यक्ति के साथ एक सहायक व्यक्ति भी मुफ्त यात्रा कर सकता है। लेकिन अब सरकार ने इस दायरे को बढ़ाते हुए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को भी इसमें शामिल कर लिया है। इस बदलाव को सामाजिक समावेशन और दिव्यांगों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

केवल हरियाणा निवासियों को मिलेगा लाभ, यूडीआई कार्ड अनिवार्य
सरकारी आदेशों के अनुसार यह सुविधा केवल हरियाणा राज्य के निवासियों के लिए ही मान्य होगी और इसका उपयोग राज्य की सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। इसके अलावा इस योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांग व्यक्ति के पास यूडीआई (यूनिक डिसएबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड होना अनिवार्य है। यात्रा के दौरान यह कार्ड कंडक्टर या जांच टीम को दिखाना होगा। परिवहन विभाग के महाप्रबंधक प्रदीप अहलावत ने भी इस आदेश की पुष्टि की है। विभाग का कहना है कि इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और योजना का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा।
दिव्यांगों में खुशी की लहर, लंबे समय से थी मांग पूरी
सरकार के इस फैसले के बाद दिव्यांग समुदाय में खुशी की लहर है। कई दिव्यांग नागरिकों ने इसे लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति बताया है। दिव्यांग शोकिन, यूनूस और जमशेद जैसे लाभार्थियों ने कहा कि वे वर्षों से इस सुविधा के विस्तार की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी हुई है। उनका कहना है कि इस फैसले से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि उनकी आवाजाही भी आसान हो जाएगी। समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और इसे सामाजिक समानता की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया है।

