पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपराध के मुद्दे पर भाजपा शासित राज्यों को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े साफ बताते हैं कि जिन राज्यों में लंबे समय से भाजपा की सरकार है वहां अपराध तेजी से बढ़ा है। चीमा ने कहा कि दिल्ली सहित कई भाजपा शासित राज्यों में अपराध दर चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अपराध दर 1602 अंक तक पहुंच गई है जबकि गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पंजाब में अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार का दावा
हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब में अपराध नियंत्रण के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की अपराध दर 227.1 अंक है जो कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। वित्त मंत्री के मुताबिक पंजाब सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए अलग-अलग विशेष बलों का गठन किया है और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में लोगों को सुरक्षित माहौल देना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।

चंडीगढ़ और दिलजीत दोसांझ विवाद पर भी भाजपा को घेरा
वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि जहां भी भाजपा का प्रभाव बढ़ता है वहां कानून व्यवस्था कमजोर होने लगती है। उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले यहां लोग केवल ट्रैफिक नियमों को लेकर सतर्क रहते थे लेकिन अब हत्या जैसी गंभीर घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। चीमा ने पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भाजपा की ओर से दिलजीत दोसांझ को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की गई और अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। चीमा ने दावा किया कि गायक के प्रबंधक के घर पर हमला कर डराने की कोशिश की गई, जिसे उन्होंने पंजाब विरोधी सोच बताया।
लॉरेंस बिश्नोई और EVM विवाद पर भी बोले चीमा
हरपाल चीमा ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि लॉरेंस गुजरात की जेल में बंद है लेकिन अलग-अलग राज्यों को जांच के लिए उसकी जरूरत होने के बावजूद उसे सुरक्षित रखा जा रहा है। चीमा ने आरोप लगाया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर का माहौल बनाया जा रहा है। वहीं ईवीएम की जगह मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास मजबूत उम्मीदवार नहीं हैं इसलिए वे ऐसे मुद्दे उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

