समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गाजीपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के कथित उत्पीड़न को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई है और इसमें भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका भी शामिल है। अखिलेश यादव ने यह बयान सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने इस घटना को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की।
पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समुदाय और पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ खड़ी समाजवादी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीए वर्ग के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी हर हाल में पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी। इस सहायता को उन्होंने सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम बताया।

गंगा में मिली किशोरी की मौत पर उठा सवाल
गाजीपुर में 15 अप्रैल को 17 वर्षीय किशोरी का शव गंगा नदी में मिलने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। परिजनों ने इस घटना को यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला बताया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। इसी मामले में 22 अप्रैल को सपा प्रतिनिधिमंडल पर पथराव भी हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है और गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
अखिलेश ने पुलिस और सरकार की जांच पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार चयनात्मक कार्रवाई कर रही है और विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में अपराध बढ़े हैं और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है। इस दौरान उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया और सामाजिक मुद्दों पर अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।

