तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रमुख विपक्षी दल AIADMK को बड़ा झटका देते हुए उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पी. बेंजामिन ने अपने समर्थकों के साथ सत्तारूढ़ DMK का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब AIADMK पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों और अंदरूनी असंतोष का सामना कर रही है।
पूर्व मंत्री पी. बेंजामिन ने बुधवार को चेन्नई स्थित DMK मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलायम’ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष M. K. Stalin भी मौजूद रहे। उनके समक्ष बेंजामिन ने आधिकारिक रूप से पार्टी में प्रवेश किया।
बेंजामिन के साथ AIADMK के कई स्थानीय और जिला स्तरीय नेताओं ने भी पार्टी छोड़कर DMK ज्वाइन की। इनमें तिरुवल्लूर सेंट्रल जिला महिला विंग की सचिव यामिनी इलैयाराजा, जिला छात्र विंग के सचिव दिनेश और कई अन्य पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इस अवसर पर DMK के वरिष्ठ नेता T. R. Baalu, A. Raja और R. S. Bharathi भी उपस्थित रहे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पी. बेंजामिन का पार्टी छोड़ना AIADMK के लिए केवल एक नेता का जाना नहीं, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा नुकसान है। बेंजामिन उत्तर चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और उनके साथ कई कार्यकर्ताओं का DMK में शामिल होना आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
तमिलनाडु में पिछले कुछ समय से दल-बदल और राजनीतिक पुनर्संरचना की गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे में AIADMK से नेताओं का लगातार बाहर जाना पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। दूसरी ओर DMK इन राजनीतिक घटनाक्रमों को अपने संगठन के विस्तार और मजबूती के रूप में देख रही है।
फिलहाल AIADMK की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले इस तरह के दल-बदल राज्य की राजनीति को और अधिक रोचक बना सकते हैं। पी. बेंजामिन का DMK में शामिल होना इसी बदलते राजनीतिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

