नेपाल में लगातार हो रही बारिश और गंडक बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। राज्य के छह जिले—मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, सारण, दरभंगा और गोपालगंज—बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 4.93 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। गंगा, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
नेपाल की बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालिया रिपोर्टों में गंडक के तेज बहाव से कुछ इलाकों में तटबंधों पर दबाव बढ़ने की भी जानकारी सामने आई है।
242 सामुदायिक रसोई केंद्र चालू
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए प्रशासन ने सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू किए हैं। फिलहाल 242 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा दो राहत शिविर भी चल रहे हैं, जहां जरूरतमंद लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

NDRF-SDRF की 41 टीमें मोर्चे पर
राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए NDRF और SDRF की कुल 41 टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। इनमें NDRF की 14 और SDRF की 27 टीमें शामिल हैं। जरूरत के अनुसार इन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में राहत, बचाव और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के काम में लगाया जा रहा है।
मौसम साफ रहने का अनुमान, बढ़ेगी उमस
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने आज बिहार में मौसम सामान्य रहने का अनुमान जताया है। धूप निकलने के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है। हालांकि मौसम साफ रहने के बावजूद प्रशासन नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन की बढ़ी निगरानी
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव व्यवस्था लगातार सक्रिय रखी गई है। खासकर गंडक से प्रभावित उत्तर बिहार के इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और स्थानीय परिस्थितियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
नेपाल में बारिश और गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के कई जिलों में बाढ़ का असर बढ़ा है। 4.93 लाख लोगों के प्रभावित होने के बीच 41 NDRF-SDRF टीमें और 242 सामुदायिक रसोई राहत अभियान में जुटी हैं।

