Fake Embassy: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एसटीएफ ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को एक काल्पनिक देश ‘West Arctica’ का राजदूत बताकर लोगों को ठग रहा था। गिरफ्तार शख्स का नाम हर्षवर्धन जैन है जो वर्षों से फर्जी दूतावास चला रहा था। ये दूतावास ‘West Arctica’, ‘Saborga’, ‘Polvia’ और ‘Lodania’ जैसे काल्पनिक देशों के नाम पर चल रहे थे जिनका न तो कोई भौगोलिक अस्तित्व है और न ही इन्हें किसी देश की सरकार मान्यता देती है।
काल्पनिक राजा का असली बयान
जब ये मामला सामने आया तो West Arctica नाम के इस काल्पनिक देश के खुदभुज राजा ग्रैंड ड्यूक ट्रैविस ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया। उन्होंने YouTube वीडियो शेयर करते हुए कहा कि भारत में वेस्ट आर्कटिका के कॉन्सुल जनरल बारन एचवी जैन को यूपी पुलिस ने अवैध गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके पास से वेस्ट आर्कटिका के नाम पर डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट, पासपोर्ट और अन्य सरकारी प्रतीकों की चीजें बरामद हुईं जो उन्हें रखने का अधिकार नहीं था।
राजा ने खुद की पोल खोली
ग्रैंड ड्यूक ट्रैविस ने यह भी स्वीकार किया कि वेस्ट आर्कटिका सरकार खुद पासपोर्ट या नंबर प्लेट का उपयोग नहीं करती और जैन को कभी भी ऐसी चीजें बनाने की अनुमति नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, हर्षवर्धन जैन की गतिविधियां पूरी तरह अवैध थीं और इसके चलते उन्हें वेस्ट आर्कटिका की राजनयिक सूची से हटा दिया गया है।
जांच और निष्कासन की कार्यवाही शुरू
वेस्ट आर्कटिका की तथाकथित सरकार ने आगे कहा कि उन्होंने भारत की कानूनी एजेंसियों से पूरा सहयोग किया है और उनके उप-विदेश मंत्री क्रिस वॉटसन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही उनके ‘Honorary Consular Corps’ की पूर्ण ऑडिट करवाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह के ठग पकड़े जा सकें।
हकीकत में सिर्फ छलावा है ये सब
West Arctica, Saborga और ऐसे कई माइक्रोनेशंस असल में सिर्फ एक विचार हैं जिनका दुनिया की किसी भी सरकार या संयुक्त राष्ट्र में कोई अस्तित्व नहीं है। हर्षवर्धन जैन जैसे लोग इन काल्पनिक देशों के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं और खुद को राजनयिक बताकर ठगी करते हैं। यूपी पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ जागरूकता बढ़ाने वाली है बल्कि ऐसे संगठनों की असलियत भी सामने लाती है जो इंटरनेट पर खुद को देश घोषित कर देते हैं।

