प्रवर्तन निदेशालय (ED) देशभर में चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में आज कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों को पूछताछ के लिए ED कार्यालय में बुलाया गया। बताया जा रहा है कि यह पूछताछ उनके खिलाफ चल रहे वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ी है। ED की इस कार्रवाई को राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।
विजिलेंस जांच से शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों को पहले भी विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 2023 में गिरफ्तार किया जा चुका है। उस समय उन पर आरोप था कि 2017 से 2022 के बीच उन्होंने लगभग 10.72 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि उनकी घोषित आय केवल 3.18 करोड़ रुपये थी। करीब 7.53 करोड़ रुपये के स्रोत का वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। इसी मामले में विजिलेंस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, जो अभी अदालत में लंबित है।

ED ने पूछताछ शुरू की, दस्तावेजों की जांच जारी
ED अधिकारियों ने पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है और किक्की ढिल्लों से वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई सवाल पूछे जा रहे हैं। अधिकारियों का फोकस उन पैसों के स्रोत और खर्च के तरीकों पर है, जिनका अब तक कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला सिर्फ आय से अधिक संपत्ति का है या इसके पीछे मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है।
पहले भी कई नेताओं से हो चुकी है पूछताछ
गौरतलब है कि इससे पहले भी ED ने इसी तरह के मामलों में कई नेताओं से लंबी पूछताछ की है। बीते दिन ही सेंट्रल हलके के विधायक रमन अरोड़ा से लगभग 8 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। वह सुबह 11 बजे ED कार्यालय पहुंचे थे और देर शाम तक पूछताछ जारी रही। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती और जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

