जुलाई 2024 में गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया। उस समय टी20 फॉर्मेट से रोहित शर्मा और विराट कोहली रिटायर हो चुके थे, लेकिन दोनों खिलाड़ी टेस्ट और वनडे में खेल रहे थे। गंभीर के आते ही टीम इंडिया में बदलावों का सिलसिला शुरू हो गया। इस बीच मीडिया और फैंस के बीच अटकलें तेज हो गईं कि गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिश्ते अच्छे नहीं हैं। इन अटकलों ने टीम के माहौल पर सवाल उठाए और आलोचकों ने इसे गंभीर की रणनीति से जोड़कर देखा।
टेस्ट रिटायरमेंट और आलोचनाओं का शोर
2025 में इंग्लैंड का दौरा आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से भी रिटायरमेंट ले लिया। इस कदम को भी आलोचकों ने गौतम गंभीर से जोड़ दिया। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा गया कि गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों के बीच खटास के कारण दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट अलविदा कहा। इन परिस्थितियों ने गंभीर के लिए दबाव बढ़ा दिया। फैंस और विश्लेषकों के बीच यह बहस चली कि क्या टीम में बदलाव और खिलाड़ियों की रिटायरमेंट के पीछे गंभीर की नीतियां जिम्मेदार थीं।

गंभीर ने रिश्तों पर जवाब दिया
रेवस्पोर्ट्ज कॉन्कलेव में गंभीर से जब सवाल पूछा गया कि उनके रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ रिश्तों को लेकर मीडिया में चर्चा हो रही थी, तो गंभीर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि रिश्ते खराब थे, लेकिन खुद को डिफेंड किया। गंभीर ने कहा कि वो भी इंसान हैं और पिछले 18 महीनों में कई गलतियां हुई होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही नीयत के साथ किए गए फैसले स्वीकार्य हैं, लेकिन गलत नीयत से लिए गए फैसले अस्वीकार्य हैं।
कोच के रूप में गंभीर की प्रतिबद्धता
गौतम गंभीर ने कहा कि जब तक वह ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के साथ ईमानदार रहेंगे, तब तक उन्हें आंखों में आंखें डालकर बात कहने का हक है। गंभीर मानते हैं कि कोच के पद पर वह अच्छा काम कर रहे हैं और टीम के लिए सही निर्णय लेने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी टीम में मतभेद और गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन टीम की भलाई और खिलाड़ी विकास ही प्राथमिकता होनी चाहिए। इस बयान से गंभीर ने साफ किया कि उनका फोकस व्यक्तिगत मतभेदों पर नहीं बल्कि टीम के प्रदर्शन पर है।

