दिल्ली शराब घोटाले की कानूनी गहमागहमी एक बार फिर तेज हो गई है। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता को दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस थमाया है। यह नोटिस सीबीआई की उस याचिका के बाद आया है जिसमें एजेंसी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत संज्ञान लिया और के. कविता समेत सात हाई-प्रोफाइल हस्तियों को नोटिस भेजा। इससे एक बार फिर इस घोटाले का मामला सुर्खियों में आ गया।
के. कविता का बयान और कानूनी तैयारी
के. कविता ने खुद इस नोटिस की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि गुरुवार, 12 मार्च, 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे उन्हें सीबीआई का नोटिस मिला। नोटिस में कहा गया कि सोमवार, 16 मार्च, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। कविता ने कहा कि वे अपनी कानूनी टीम से सलाह ले रही हैं और आधिकारिक चैनलों के जरिए उचित जवाब देंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सच की जीत होगी और वे पूरी कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करेंगी। उन्होंने सभी से अपील की कि नोटिस को गलत नजरिए से न देखा जाए क्योंकि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

नोटिस पाने वाले सात प्रमुख लोग
दिल्ली हाई कोर्ट के नोटिस से जुड़े सात प्रमुख लोगों में के. कविता के अलावा हैदराबाद के बिजनेस टाइकून अरुण रामचंद्र पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली, शरत चंद्रा रेड्डी और पूर्व सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी शामिल हैं। ये सभी पहले से ही इस घोटाले की जांच के दायरे में थे। हाई कोर्ट के नोटिस के बाद मामले की गर्मी चरम पर पहुंच गई है और कानूनी चर्चा पूरे देश में जोर पकड़ रही है।
अदालत की सुनवाई और भविष्य की चिंता
के. कविता इस मामले में पहले ईडी की गिरफ्त में रह चुकी हैं और महीनों तक तिहाड़ जेल में रही हैं। बरी होने के बाद लगा कि मामला खत्म हो गया, लेकिन सीबीआई के ताजा कदम ने सबको चौंका दिया। सोमवार, 16 मार्च, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई इस मामले के लिए निर्णायक होगी। अदालत का फैसला न केवल इन सात आरोपियों की किस्मत तय करेगा, बल्कि पूरे दिल्ली शराब घोटाले की दिशा और दशा को भी प्रभावित करेगा। तेलंगाना से लेकर दिल्ली तक सभी की नजरें इस सुनवाई पर टिकी हैं।

