मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और जबलपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 45 (NH-45) पर शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा रविवार को ध्वस्त हो गया। लगभग 200 मीटर लंबा यह ओवरब्रिज तीन साल पहले ₹400 करोड़ की लागत से बनाया गया था। घटना के तुरंत बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पटवारी ने इस मामले में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अब भ्रष्टाचार का पर्याय भाजपा बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि आम जनता की मेहनत की कमाई भाजपा के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।
कांग्रेस ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल
जितु पटवारी ने वीडियो में कहा, “400 करोड़ रुपए की लागत और केवल तीन साल की अवधि में जबलपुर-भोपाल एनएच 45 का एक हिस्सा दूसरी बार ध्वस्त हो गया। भाजपा अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। आम जनता की मेहनत की कमाई इस भ्रष्टाचार में गंवाई जा रही है।” इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तीव्र हो गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में गड़बड़ी हुई है। वहीं, स्थानीय जनता ने भी चिंता जताई कि ऐसे पुल की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

NHAI ने किया फैक्ट-चेक
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक कर बताया कि जो हिस्सा ध्वस्त हुआ है, वह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता। NHAI ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना MPRDC (मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के अंतर्गत आती है। निर्माण, रखरखाव और निगरानी MPRDC की जिम्मेदारी में हैं। NHAI ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी मीडिया आउटलेट को इस परियोजना के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बचें।
जनता और अधिकारियों के लिए संदेश
NHAI ने जनता से आग्रह किया है कि वे केवल तथ्यपूर्ण और सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। MPRDC अब इस स्थल की मरम्मत और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पुल की जांच और आवश्यक मरम्मत के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस पूरे मामले ने न केवल राजनीतिक बहस को तेज किया है, बल्कि आम जनता में भी सड़क और पुल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

