नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रदेश सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। इसी क्रम में सीएम फ्लाइंग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की और निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
शिकायतों के बाद हरकत में आई सरकार
जानकारी के अनुसार, वार्ड-6 के पार्षद प्रदीप राणा ने मुख्यमंत्री सहित विभिन्न स्तरों पर नगर पालिका के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता संबंधी शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद एसडीएम अजय हुड्डा ने जांच के लिए एक समिति गठित की। इसी बीच सीएम फ्लाइंग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्वतंत्र जांच शुरू कर दी।
निर्माण सामग्री के लिए गए सैंपल
सीएम फ्लाइंग की टीम में एसडीओ राजेश कुमार, सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, एएसआई रविंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। नगर पालिका के अभियंता राजेश प्रजापति और कनिष्ठ अभियंता अब्दुल वहाब खान की मौजूदगी में टीम ने निर्माण कार्य में उपयोग किए गए इंटरलॉकिंग ब्लॉक और अन्य सामग्री के चार-चार सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
जांच के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की कई गलियों में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर उचित बेस और लेवलिंग नहीं की गई, जिससे बरसात के दौरान गलियां जलभराव का कारण बन जाती हैं। ये आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पार्षद ने जांच के दायरे पर उठाए सवाल
पार्षद प्रदीप राणा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि एक ही टेंडर के तहत बने इंटरलॉकिंग ब्लॉक और कंक्रीट वाले हिस्सों की समान रूप से जांच होनी चाहिए थी। उन्होंने कंक्रीट के नमूने भी लेने की मांग उठाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई
सीएम फ्लाइंग के एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए निर्माण सामग्री के सैंपल लिए गए हैं। सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जाएगा और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है।

